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- December 5, 2021
१०० वर्षिय थारु साहित्यकार कामता प्रसाद चौधरीको सम्झनामा | Kamata Prasad Chaudhary
झुमरा गीत लाली रे चुन्दरी मेरे, ऊडि फहराइल हे। यहरी वहरी लयराय, रेशमी चुन्दरी ऊडि जाय मोर।। सर, सर, सर,
झुमरा गीत लाली रे चुन्दरी मेरे, ऊडि फहराइल हे। यहरी वहरी लयराय, रेशमी चुन्दरी ऊडि जाय मोर।। सर, सर, सर,