Nepali Poem | प्रकाश खोज्न्या भानु | Suvash Chaulagain

कपुरी क भित्र बाटुलाे ख गाई गोडे ग घर जस्तो घ भानुको भक्त म । प्रकाश खोज्दै य र ल व श ष स ह क्ष त्र ज्ञ ।। -Suvash Chaulagain ( आदिकवि भानुभक्त आचार्यको स्मृतिमा ) Read More Nepali Poem at Offline Thinker: क बाट कलम ! जनक कार्की | Offline Thinker Follow Offline Thinker … Continue reading Nepali Poem | प्रकाश खोज्न्या भानु | Suvash Chaulagain