“सरकार भेटियाे , न्याय भेटिएन” | Nepali Poem | Sulav Raj [Offline Thinker]
सरकार भेटियाे, न्याय भेटिएन न्यायलय भेटियाे, न्याय भेटिएन श्रीमान् भेटिए, मान भेटिएनन सम्मान भेटियाे, समानन्तर भेटिएन आमा, बुवा , दिदीभाइ तथा दाजु बहिनी यहाँ कालोपाटीमा इतिहास लेखियो र डस्टरले मेटियाे, घुम्दै फिर्दै सत्यको आग्रह गर्दै सारङ्गी रेटियाे आवाज भेटियाे, सत्य भेटियाे, सत्याग्रही भेटियाे, सरकार भेटियाे, न्याय भेटिएन । सरकार भेटियाे, न्याय भेटिएन न्यायलय भेटियाे, न्याय … Continue reading “सरकार भेटियाे , न्याय भेटिएन” | Nepali Poem | Sulav Raj [Offline Thinker]
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